“जिब्राल्टर की चट्टान”- वो गुर्जर जिसकी हुंकार ने सरकारे हिला दी !

“जिब्राल्टर की चट्टान”- वो गुर्जर जिसकी हुंकार ने सरकारे हिला दी !

गुर्जरों के साथ हर कदम पर छल करती आयी सरकारों के लिए ये बड़ी विपदा की स्थिति थी कि जब उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि गुर्जर समाज के इस योद्धा को कैसे शांत किया जाए| ऐसा योद्धा जो अपनी बहादूरी का प्रदर्शन भारतीय सेना में रहते हुए भी दिखा चुका था |

colonel kirori singh bainsla gurjar

“जिब्राल्टर की चट्टान ” बनकर अपनी बिरादरी के साथ खड़े  इस महान गुर्जर योद्धा का जन्म 12-9-1939 को राजस्थान के करोली जिले के एक छोटे से गाँव मुंडिया  में हुआ था , बेहद कुशाग्र बुद्धि के बालक का नाम माता पिता ने “करोडो में एक”  मानकर “किरोड़ी” रख दिया ! इन्होने अपनी आरंभिक शिक्षा अपने गाँव में ही पूरी की तथा आगे की पढ़ाई के लिए जयपुर गये ! इनकी शादी काफी कम उम्र में बचपन में ही कर दी गयी जिससे पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए बैसला जी ने अध्यापन भी किया |

किरोड़ी सिंह बैंसला के पिताजी सेना में थे और उन्ही से प्रेरणा लेकर कर्नल बैंसला ने भी फ़ौज में जाने का निर्णय लिया ! बैंसला सन 1962 में सेना में सिपाही के तौर पर भर्ती हो गये ! कुशाग्र बुद्धि के कर्नल बैंसला ने २ साल बाद ही १९६४ में कमीशन प्राप्त कर अधिकारी पद प्राप्त कर लिया ! ये उनकी बहादुरी और कुशाग्र बुद्धि का ही नतीजा था कि एक सिपाही के तौर पर भर्ती हुए बैंसला जी तरक्की पाते हुए कर्नल के पद से रिटायर हुए |

राजपुताना राइफल्स का हिस्सा रहे कर्नल बैंसला ने पाकिस्तान के खिलाफ 3 युद्धों 1962 , 1965 और 1971 में हिस्सा लिया और बहादुरी दिखाई ! युद्ध के दौरान कर्नल बैंसला युद्धबंदी भी रहे ! अपनी बहादुरी के लिए विख्यात कर्नल बैंसला को उनके सीनियर जिब्राल्टर की चट्टान के नाम से संबोधित करते थे तो साथियो के लिए वो “इंडियन रेम्बो” थे ! एक ऐसी चट्टान जो किसी के आगे अड़ जाए तो पीछे हटने का नाम नहीं लेती |

1991 में फ़ौज से रिटायर होने के बाद जब कर्नल बैंसला अपने गाँव लौटे तो देखा कि बिरादरी की हालत अभी भी वैसी ही है ! आजादी के 60 साल बाद भी हमारी सरकारे इस बहादुर कौम के लिए वो सब नहीं कर पायी जिसकी वो हकदार है ! आज भी बिरादरी राजनीति के कुचक्र में फसकर अशिक्षा , बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रही है | कर्नल बैंसला राजस्थान में बिरादरी के हालात देखकर विचलित हो उठते |

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Comments

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2 Comments

  1. Kya baat bhai kya baat,,lage raho hum apke sath h

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