” हिमालय के यायावर ” – पढ़िए वतन के कितने वफादार है ये गुर्जर !

” हिमालय के यायावर ” – पढ़िए वतन के कितने वफादार है ये गुर्जर !

jammu kashmir gurjar history

हिमालय के “यायावर ” pic source – google

स्त्रीया भी लम्बा कुर्ता ओर सलवार जैसा वस्त्र पहनती है । उनकी कमर पर बच्चा बंधा होगा तो सिर पर छाछ , घी या दूध की बटलोडी होगी । एक दो मटकिया नही बल्कि 4-5 बटलोडी तक हो सकती है , जिनमे अलग – अलग पेय भरे होते हे । इस सबके बावजूद वह प्रसन्न मूद्रा मे पहाड की चढाई पार करती जाति है । ( इस कठिन यात्रा का क्या कभी अन्त हो पायेगा )

उधर एक ओर परिवार की ओर दृष्टिपात करता हू । एक सप्ताह का नवजात शिशु मां की गोद मे सिकुड रहा है ओर मां के सिर पर तीन घडे भी रखे है ।
उसके पति ने अभी – अभी दो भैंसो का दूध दुहा है ओर उनके दूध से तीसरा घडा भी भर गया है । इस दूध को वह राहगीरो को बेचती है । मुफ्त दैती है कभी-कभी मोसम अच्छा हो या खराब , उसे तो अपने रास्ते पर चलना है । मटकियो को संभाल कर ले जाना है ओर परिवार के भरण पोषण मे सहायक बनना है।

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1 Comment

  1. Please give me the name of book if any on the history of our gurjar

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